Thursday, 28 July 2011

दो साल का नन्हा घुड़सवार

क्या कोई दो साल का मासूम खिलौने से खेलने की उम्र में घुड़सवारी कर सकता है, जी हां बिल्कुल कर सकता है। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दो साल के मासूम ने ऐसा ही कारनाम कर दिखाया है। मासूम इस उम्र में घुड़सवारी करके देश का सबसे नन्हा घुड़सवार बनने की तैयारी कर रहा है

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वर्तमान में फेसबुक के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स

सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक का क्रेज इन दिनों सभी के सिर चढ़कर बोल रहा है। एक अमरीकी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले लगभग 75 लाख यूजर्स नाबालिग हैं और यह उम्र सोशल नेटवर्किग साइट पर बिताने के लिए मान्य नहीं है। 

पिछले साल फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले 2 करोड़ बच्चों में से 75 लाख बच्चे 13 साल की उम्र से कम हैं और वह इसका उपयोग नहीं कर सकते। अमरीकी कंज्यूमर एडवोकेसी पब्लिकेशन की रिपोर्ट के अनुसार 50 लाख से ज्यादा बच्चे 10 साल या इससे कम के हैं और इनके पैरेंट्स भी उनके अकाउंट नहीं देखते। फेसबुक पर गत वर्ष 10 लाख बच्चों को परेशान किया गया, धमकी दी गई और साइबर अपराध से जुड़े अन्य मामलों के भी शिकार हुए।

स्टडी के मुताबिक 10 साल और उससे कम उम्र के बच्चों के अधिकतर पैरेंट्स इस बात से बेफिक्र हैं कि उनके बच्चे फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंज्यूमर रिपोर्ट टेक्नोलॉजी के एडिटर जेफ फॉक्स ने कहा कि उम्र का बंधन होने के बावजूद बच्चे इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन बच्चों के माता पिता को भी कोई फिक्र नहीं है।

वर्तमान में फेसबुक के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स है। यूं तो फेसबुक में शामिल होने के लिए जन्म तारीख मांगी जाती है और कम उम्र वालों के आवेदन को खारिज कर दिया जाता है पर बच्चे गलत जन्म तारीख देकर इससे जुड़ जाते हैं।

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पठानकोट-फाजिल्का जिले बने

चंडीगढ़ /जालंधर. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव के कारण कहीं आचार संहिता न लग जाए, इसी की सुगबुगाहट के चलते अकाली भाजपा सरकार ने आनन-फानन में बुलाई कैबिनेट की मीटिंग में फाजिल्का और पठानकोट को नए जिलों का दर्जा दे दिया। गुरुहरसहाय व धर्मकोट नए उपमंडल होंगे। धर्मकोट मोगा का और गुरुहरसहाय फिरोजपुर जिले का हिस्सा होगा। फाजिल्का में जलालाबाद, अबोहर, फाजिल्का व उपमंडल होंगे जबकि अरनीवाला शेख सुबान, सीतोगुन्नो व खुइयां उप-तहसीलें होंगी। पठानकोट में पठानकोट व धारकलां उपमंडल होंगे जबकि नरोट जैमल सिंह व बमियाल उप-तहसीलें होंगी। वहीं, २क् साल से ट्यूबवेल कनेक्शन की बाट जोह रहे 75000 किसानों के लिए कनेक्शन को भी मंजूरी दे दी है।

उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने कहा, फिरोजपुर और गुरदासपुर जिले काफी बड़े होने के कारण आम लोगों को जिला स्तर पर करवाए जाने वाले कामों को लेकर दिक्कत आ रही थी, इसलिए पठानकोट और फाजिल्का को जिला बनाया गया है। इसके अलावा बटाला और फगवाड़ा में एडीसी का पद सृजन किया जाएगा, जिसके पास जनरल और विकास दोनों तरह की पावर होंगी। 75 हजार कनेक्शन जारी होने से उन किसानों को लाभ होगा जो डीजल फूंककर सिंचाई करते हैं। नलकूप के लिए सरकार ने बिजली निशुल्क उपलब्ध करवाई हुई है। हालांकि पहले ही चिंतनीय स्तर पर पहुंच चुके जमीनी पानी का क्या होगा? इस पर कोई विचार नहीं हुआ है।

मुद्दाविहीन हो गई है कांग्रेस : कैप्टन अमरेंदर सिंह के डीजीपी पी.एस.गिल और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डी.एस.गुरु के अकाली कार्यकर्ताओं की तरह सरगर्मियां दिखाने के आरोप पर सुखबीर बादल ने कहा, लगता है कांग्रेस मुद्दाविहीन हो गई है इसलिए इस तरह के मुद्दों को उठा रही है। जिलों में आईपीएस की जगह पीपीएस लगाने के बारे में उन्होंने हमारे पास आईपीएस अफसरों की कमी है, हम यूपीएससी से मामला टेकअप कर रहे हैं ताकि ज्यादा अफसर मिल सकें।

ये होंगे फायदे

फाजिल्का : हरियाणा के सिरसा, राजस्थान के बीकानेर, पाक के बहावलपुर व फिरोजपुर से सटा होने से आवाजाही और व्यापार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

प्रसिद्ध ऊन मंडी के फिर विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।

पठानकोट : उद्योगपतियों की भागदौड़ कम होगी। जिला स्तर पर होने वाले काम, जिला न्यायालय में होने वाले केसों में शामिल होने सुविधा होगी।

जम्मू, हिमाचल से जुड़ा होने के कारण व्यापार बढ़ेगा।

बिना अफसर भर्ती इधर-उधर से भरेंगे जिले
जालंधर . नए जिले तभी सही ढंग से काम कर सकते हैं, जब इन्हें चलाने के लिए नई भर्ती कर पोस्टों को भरा जाए। अगर अफसरों व मुलाजिमों को इधर से उधर ही एडजस्ट किया गया तो पुराने जिलों का कामकाज भी प्रभावित होगा। फिलहाल सूबे में करीब 200 पीसीएस अफसरों की कमी चल रही है। कारण, अफसर रिटायर तो होते गए, लेकिन भर्ती नहीं की गई। हालात यह हो गए कि पीसीएस अफसरों को ठेके पर रखना पड़ा। पंजाब रेवेन्यू ऑफिसर्स एसो. के आंकड़ों के मुताबिक कुछ वर्ष पहले तक पीसीएस अधिकारियों का कैडर 296 पोस्टों का था।

यह पोस्टें पुरानी थीं और उसके बाद तरनतारन और साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) जिलों का गठन किया गया। चमकौर साहिब और खडूर साहिब तहसीलें भी बनाई गईं। सभी जिलों एवं तहसीलों की पोस्टों को ध्यान में रखा जाए तो पीसीएस अधिकारियों की गिनती करीब 310 तक जा पहुंचती है। इसमें नए जिलों के अफसर शामिल नहीं हैं। हालांकि सरकार ने काम चलाने के लिए 28 रिटायर हो ठेके पर रखा है। मुलाजिम संगठनों के मुताबिक सूबे में लगभग 60 प्रतिशत मुलाजिमों की कमी है।

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अबोहर-जलालाबाद तहसील के साथ साथ, ३१४ गाँव हुए फाजिल्का जिले के अंदर

अंकुर शर्मा
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फाजिल्का में बना जिले की जीत का जश्न

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नगर कोंसिल की हेल्प लाइन सेवा एक ड्रामा- सवी काठपाल

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वन्दे मातरम से भारत पाक सीमा हुई गुन्ज्माये

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Davinder Sachdeva na fazilka village ka dora keya

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Tuesday, 26 July 2011

पहचान की मोहताज ये समाधियां

भारत पाक के बीच 1971 में युद्ध दौरान शहीद हुए 206 वीर जवानों के फौलादी जज्बे को सलाम करने के लिए सियासी नेता और सेना के जवानों के अलावा आम लोगों की ओर से विजय दिवस पर शहीदों की समाधि आसफवाला में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक बड़ा समारोह आयोजित किया जाता है। लेकिन एक बुलबुले सा जीवन लेकर आने वाले एक दर्जन से अधिक चिरागों ने हमारे जीवन और देश को रोशन करके चुपचाप अनंत में लीन हो गए।
रह गई 6 समाधियां : श्मशान घाट में शहीदों की सिर्फ ६ समाधियां ही बाकी हैं, लेकिन वह भी जर्जर हालत में हैं। इनमें 15 राजपूत बटालियन के जवान शामिल हैं। जवान जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के रहने वाले हैं। इन्होंने 8 से 14 दिसंबर तक पाक रेंजरों का मुकाबला करते हुए शहीदी प्राप्त की थी। सिपाही सुमेर सिंह ने 8 दिसंबर, लांस नायक मुहम्मद सदीन वासी गाजीपुर यूपी, 13 दिसंबर को सिपाही मिंटू खान वासी राजस्थान और 14 दिसंबर को सिपाही हिजर मुहम्मद कश्मीरी वासी कश्मीर ने कुर्बानी दी थी। भास्कर की ओर से फाजिल्का सेक्टर में शहीदों की गुमनाम समाधियों की यह दूसरी खोज है। इससे पहले सैनियां रोड पर भी 16 गुमनाम समाधियों के बारे में विस्तार से लिखा गया था। जिस पर सैनिक भलाई विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने कार्रवाई करते हुए संभाल के लिए विभाग को लिखा है। अब इन समाधियों के बारे में शहीदों के परिजनों को भास्कर ने लिखा है।दीप जलाता है मनदीप
चाहे प्रशासन ने इन शहीदों की सुध नहीं ली, लेकिन गांव पैंचावाली का मनदीप कंबोज हर त्योहार और धार्मिक दिवस पर श्मशान घाट में पहुंचकर समाधियों के समक्ष दीप जलाता है और नमन करता है। मनदीप का कहना है कि बचपन में बुजुर्ग बताते थे कि यहां शहीदों का अंतिम संस्कार किया गया था, लेकिन आज तक कोई अधिकारी शहीदों की समाधियों की देखभाल को नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि जवान किसी धर्म के लिए नहीं लड़े, बल्कि देश, अटूट और अखंड भारत के लिए शहीद हुए हैं। शहीदों को देश से दीवानावार मुहब्बत थी, लेकिन प्रशासन ने उनकी कद्र नहीं जानी। मनदीप का कहना है कि अगर शहीदों की ही कोई सुध नहीं लेगा तो शहादत से नौनिहाल प्रेरणा कहां से लेंगे।

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ग्रामीणों ने किया एसडीओ और एक्सईएन का घेराव

फाजिल्का & बिजली सप्लाई कम मिलने से खफा छह गांवों के किसानों ने शुक्रवार को पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन के एसडीओ और एक्सईएन का घेराव किया। ग्रामीण बनवाला हनुवंता के पावरकॉम कार्यालय में किसी प्रकार का कोई नुकसान न पहुंचाएं, इसलिए वहां पुलिस बल तैनात किया गया। इस मौके पर गांव जंडवाला खरता, बनवाला हनुवंता, चुवाडिय़ांवाली आदि के ग्रामीण मौजूद थे।
बनवाला हनुवंता के सरपंच सरवन सिंह, संता सिंह, बेअंत सिंह, गोपी राम, अजमेर सिंह, पंच बलराज सिंह, पूर्व पंच जसवीर सिंह, मलकीत सिंह, बलजीत सिंह, चुवाडिय़ांवाली के सुखराज सिंह, गुलशन और सुखचैन सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिनों से उन्हें सिर्फ 1 से 2 घंटे ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। इस कारण उनके खेत सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। जंडवाला खरता के सरपंच बलवंत सिंह, गोशा सिंह, शिवचरन सिंह, लक्ख सिंह, पम्मा सिंह, विक्रम सिंह, महंगा सिंह, संतोख सिंह, इंद्रसेन, महेंद्र, मनोज कुमार और धर्मपाल आदि ने बताया कि बिजली नहीं होने के कारण उन्हें अधिक डीजल के दम पर खेती करनी पड़ रही है।
इस कारण उनका खर्च काफी हो जाता है।

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HINDU DHARM KO KHTAM KRNE KE LYE INDIA ME N.G.O. BHEJ RAHA HAI 42000 CRORE - LILA DHAR SHARMA

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